इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी क्या है? गौरव तिवारी से आज तक
सीधा जवाब: इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी (IPS) एक भारतीय पैरानॉर्मल रिसर्च संस्था है, जिसकी स्थापना गौरव तिवारी ने 11 अप्रैल 2009 को की थी। IPS भारत भर में रिपोर्ट हुई पैरानॉर्मल घटनाओं की जाँच करती है। वह वैज्ञानिक उपकरणों के साथ तार्किक मूल्यांकन, आलोचनात्मक सोच और फ़ॉरेंसिक विज्ञान के सिद्धांतों का इस्तेमाल करती है। उसका उद्देश्य पैरानॉर्मल से जुड़े सामाजिक कलंक और अंधविश्वास को दूर करना है। IPS आज भी सक्रिय है, और उसका ट्रेनिंग कोर्स G.R.I.P Academy है।
लेखक: रिथ देब, इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी के कोर टीम सदस्य · अंतिम अपडेट: 2026-10-15
अस्वीकरण: rithdeb.com रिथ देब की निजी वेबसाइट है, इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी की आधिकारिक वेबसाइट नहीं। IPS की आधिकारिक जानकारी indianparanormalsociety.in पर है। नीचे दिए उद्धरण 13 अक्टूबर 2026 तक उसी साइट से लिए गए हैं।
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी क्या है?
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी (IPS) एक पैरानॉर्मल रिसर्च टीम है, जो भारत में रिपोर्ट हुई पैरानॉर्मल घटनाओं की जाँच, दस्तावेज़ीकरण और विश्लेषण करती है। अपने होमपेज पर IPS ख़ुद को "India's First Professional Paranormal Research Team" (भारत की पहली प्रोफ़ेशनल पैरानॉर्मल रिसर्च टीम) कहती है, और उसकी पंक्ति है: "What you fear, we chase" (जिससे आप डरते हैं, हम उसका पीछा करते हैं)।
IPS के अनुसार उसका ध्यान पैरानॉर्मल अध्ययन के संदर्भ में मेटाफ़िज़िक्स (तत्वमीमांसा) और मनोविज्ञान पर है। उसका लक्ष्य "तार्किक मूल्यांकन, आलोचनात्मक सोच और फ़ॉरेंसिक विज्ञान के सिद्धांतों" से मिथकों और अंधविश्वासों को दूर करना है। (IPS About)
IPS की स्थापना कब और किसने की?
IPS की स्थापना 11 अप्रैल 2009 को गौरव तिवारी ने की। IPS की साइट उन्हें Rev. Gaurav Tiwari कहती है, और मानती है कि उन्होंने ख़ासकर भारत पर ध्यान देते हुए मेटाफ़िज़िकल और असामान्य घटनाओं के शोध में अग्रणी काम किया। पैरानॉर्मल रिसर्च में आने से पहले गौरव तिवारी ने एविएशन (विमानन) की ट्रेनिंग ली थी।
उनका मूलमंत्र "Knowledge cancels Fear" (ज्ञान डर को मिटाता है) आज भी IPS की साइट पर उसके मिशन के मार्गदर्शक के रूप में लिखा है। यह मिशन है शिक्षा, शोध और वैज्ञानिक जाँच के ज़रिए लोगों को अज्ञात के डर से उबरने में मदद करना।
IPS के होमपेज पर उनका एक प्रसिद्ध कथन है:
"Ghosts or 'consciousness' of human beings that survives physical death have no relation with day or night. Paranormal activity is independent of time. But we investigate at night because the environment is silent." — गौरव तिवारी (IPS द्वारा उद्धृत)
(भावार्थ: भूतों या मृत्यु के बाद बचने वाली मनुष्य की "चेतना" का दिन या रात से कोई संबंध नहीं है। पैरानॉर्मल गतिविधि समय पर निर्भर नहीं करती। हम रात में जाँच इसलिए करते हैं क्योंकि तब माहौल शांत होता है।)
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी का मिशन
IPS अपना मिशन इस तरह बताती है:
"To discover more about the human condition, life, the universe, and the Greater Scheme of Things by 'scientifically' investigating unusual and mysterious events and happenings, and to help others in the process."
(भावार्थ: असामान्य और रहस्यमय घटनाओं की "वैज्ञानिक" जाँच से मानवीय स्थिति, जीवन, ब्रह्मांड और बड़ी व्यवस्था के बारे में और जानना, और इस प्रक्रिया में दूसरों की मदद करना।)
होमपेज के अनुसार IPS की स्थापना पैरानॉर्मल से जुड़े सामाजिक कलंक और अंधविश्वास को दूर करने के लिए हुई थी। साथ ही वह लोगों को तथ्य और मिथक अलग करते हुए पैरानॉर्मल जाँच समझने में मदद करती है।
IPS के सिद्धांत (IPS के अनुसार)
- मेटाफ़िज़िकल दृष्टिकोणों का सम्मान करते हुए वैज्ञानिक पद्धति
- मिथक और अंधविश्वास दूर करने के लिए तार्किक मूल्यांकन और आलोचनात्मक सोच
- पैरानॉर्मल जाँच में फ़ॉरेंसिक विज्ञान के सिद्धांतों का प्रयोग
- अज्ञात के डर से उबरने के लिए शिक्षा
IPS के मूल्य (IPS से संक्षेप में)
- पेशेवर व्यवहार; क्लाइंट और उनकी संपत्ति का सम्मान
- साथी सदस्यों का सम्मान
- अन्य पैरानॉर्मल जाँच समूहों का सम्मान और उनके साथ सहयोग
- नैतिक शोध: ईमानदारी से और "बिना मनगढ़ंत बातों के" निष्कर्ष तक पहुँचना
IPS का संक्षिप्त इतिहास
IPS की "Our Journey" टाइमलाइन के अनुसार:
| अवधि | पड़ाव (IPS के शब्दों का संक्षेप) |
|---|---|
| 2009 | गौरव तिवारी द्वारा IPS की स्थापना (11 अप्रैल 2009) |
| 2010–2013 | ख़ासकर भारत में मेटाफ़िज़िकल और असामान्य घटनाओं के शोध में अग्रणी |
| 2013–2016 | देश भर में की गई जाँचों और केसों से राष्ट्रीय पहचान |
| 2016–2019 | पैरानॉर्मल शोध में मेटाफ़िज़िक्स और मनोविज्ञान पर केंद्रित दृष्टिकोण का विकास |
| 2019–अब तक | जनता को शिक्षित करना और लोगों को अज्ञात के "डर" से उबरने में मदद |
गौरव तिवारी का निधन 7 जुलाई 2016 को हुआ। उनकी स्थापित संस्था उसके बाद भी अपना काम जारी रखे हुए है।
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी जाँच कैसे करती है?
IPS के अनुसार उसकी प्रक्रिया "पैरानॉर्मल कारणों पर विचार करने से पहले प्राकृतिक कारणों को खारिज करने" के लिए बनी है। IPS छह चरण बताती है (IPS Investigations):
- प्रारंभिक संपर्क और ब्रीफ़िंग
- जाँच-पूर्व आकलन
- ऑन-साइट जाँच
- सबूतों का विश्लेषण
- क्लाइंट से परामर्श
- फ़ॉलो-अप सहायता
IPS के अनुसार वह नियंत्रित परिस्थितियाँ बनाए रखती है, सभी निष्कर्ष दर्ज करती है और सबूतों का आलोचनात्मक विश्लेषण करती है, ताकि निष्कर्ष व्यक्तिगत अनुभवों पर नहीं, वस्तुनिष्ठ डेटा पर आधारित हों।
IPS के बताए उपकरण: EMF मीटर, EVP रिकॉर्डर, थर्मल इमेजिंग कैमरा, K2 मीटर, स्पिरिट बॉक्स, मोशन सेंसर, REM पॉड, इन्फ्रारेड कैमरा और लेज़र ग्रिड।
IPS क्या नहीं करती: Case Files पेज पर IPS लिखती है कि वह भूत-प्रेत भगाने या पैरानॉर्मल शक्तियों को ख़त्म करने का दावा नहीं करती। उसकी भूमिका जाँच करना, दस्तावेज़ बनाना, और शिक्षा व जागरूकता से लोगों की मदद करना है।
व्यवहार में यही "पहले सबूत" वाली पद्धति कैसे काम करती है, पढ़ें: पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन कैसे होती है।
IPS की चर्चित केस फ़ाइलें
IPS के सार्वजनिक Case Files पेज पर ये स्थान दर्ज हैं:
- भानगढ़ किला, राजस्थान। IPS के अनुसार रात में सरकारी प्रतिबंध के कारण जाँच सीमित रही।
- कुलधरा गाँव, राजस्थान
- मुकेश मिल, मुंबई
- टनल 33, शिमला
- लांबी देहर माइंस, उत्तराखंड। IPS ने इस स्थल को असुरक्षित बताया है।
हर केस फ़ाइल में रिपोर्ट हुई घटनाएँ, निष्कर्ष और स्थिति दर्ज है। निष्कर्ष IPS के अपने शब्दों में उसकी साइट पर पढ़ें। वे IPS की व्याख्याएँ हैं, और यह पेज उन्हें अपने निष्कर्ष के रूप में नहीं दोहराता।
किताबें और Bhay सीरीज़
IPS का होमपेज "Books you must read" में तीन किताबें सुझाता है:
- How to Become a Paranormal Investigator: रिथ देब की लिखी, Rupa Publications से प्रकाशित
- Ghost Hunter: Gaurav Tiwari: The Life and Legacy of India's Foremost Paranormal Investigator
- Hauntings: Stories Based on Actual Paranormal Investigations
स्क्रीन पर Amazon MX Player की सीरीज़ Bhay: The Gaurav Tiwari Mystery है, जिसके रिसर्च में रिथ देब ने योगदान दिया।
आज की IPS: एक कोर टीम सदस्य की नज़र से
IPS 2026 में सक्रिय है। उसकी वेबसाइट पर मौजूदा कोर टीम, केस रिपोर्ट करने का फ़ॉर्म और G.R.I.P Academy कोर्स है, और उसके ब्लॉग पर 2026 के मध्य तक नई पोस्ट आती रही हैं।
रिथ देब इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी के कोर टीम सदस्य हैं, और उन्हें गौरव तिवारी ने सीधे मार्गदर्शन दिया। उनके अनुसार IPS जो मानक आगे बढ़ा रही है, वह सीधा है: निष्कर्ष से पहले सबूत, और ऐसा दस्तावेज़ीकरण जो किसी एक जाँचकर्ता से ज़्यादा टिके। रिथ अपने केस-वर्क और शिक्षण में IPS की पद्धति का पालन करते हैं।
- आज टीम में कौन है: IPS टीम के सदस्य कौन हैं?
- IPS से कैसे जुड़ें: इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी कैसे जॉइन करें
- IPS कोर्स और अन्य कोर्स: भारत में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन कोर्स
- अपने गुरु पर रिथ का लेख: What Gaurav Tiwari Taught Me
रिथ अपनी ऑनलाइन अकादमी, Rith Deb Paranormal Academy, भी चलाते हैं (भारत में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन कोर्स)। यह IPS की पद्धति पर पढ़ाई जाती है, पर यह IPS का कार्यक्रम नहीं है और इससे IPS की सदस्यता नहीं मिलती। फ़ीस Academy launch पर घोषित होगी, और शुरुआती सदस्यों के लिए Founders' pricing होगी (वेटलिस्ट)। शुरुआत के लिए पढ़ें: भारत में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर कैसे बनें (अंग्रेज़ी में)।
IPS के आधिकारिक लिंक
- IPS के बारे में: https://www.indianparanormalsociety.in/about
- जाँच और प्रक्रिया: https://www.indianparanormalsociety.in/investigations
- केस फ़ाइलें: https://www.indianparanormalsociety.in/cases
- G.R.I.P Academy: https://www.indianparanormalsociety.in/academy
- पैरानॉर्मल घटना रिपोर्ट करें: https://www.indianparanormalsociety.in/report
- IPS ब्लॉग: https://blog.indianparanormalsociety.in/
- ईमेल (IPS संपर्क पेज से): indianparanormalsociety@gmail.com
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी की स्थापना कब हुई?
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी की स्थापना 11 अप्रैल 2009 को हुई।
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी की स्थापना किसने की?
गौरव तिवारी ने। IPS के अनुसार उन्होंने ख़ासकर भारत पर ध्यान देते हुए मेटाफ़िज़िकल और असामान्य घटनाओं के शोध में अग्रणी काम किया। उनका मूलमंत्र था: "Knowledge cancels Fear"।
क्या इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी अभी भी सक्रिय है?
हाँ। 2026 में IPS की वेबसाइट पर मौजूदा कोर टीम है, केस रिपोर्ट स्वीकार किए जाते हैं, G.R.I.P Academy का ओरिएंटेशन कोर्स चलता है, और नई ब्लॉग पोस्ट प्रकाशित होती हैं।
इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी कहाँ स्थित है?
IPS की वेबसाइट पर किसी मुख्यालय शहर का नाम नहीं है। IPS भारत भर में केसों की जाँच करती है, और उससे वेबसाइट या indianparanormalsociety@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी वैज्ञानिक है?
IPS अपने दृष्टिकोण को मेटाफ़िज़िकल दृष्टिकोणों का सम्मान करने वाली वैज्ञानिक पद्धति बताती है। वह तार्किक मूल्यांकन, आलोचनात्मक सोच और फ़ॉरेंसिक विज्ञान के सिद्धांतों का प्रयोग करती है, और कहती है कि उसकी प्रक्रिया पैरानॉर्मल कारणों से पहले प्राकृतिक कारणों को खारिज करती है।



